Wednesday, January 02, 2013

Use-by date

Gulzar had recited this during the lit fest, and I'd loved it...


वोह जो इक मियाद थी ना

इस्तेमाल  की ..

वो गुज़र चुकी !

दवा की शीशीयों पे लिखी जाती है इसीलिए .


मियाद बाद इस्तेमाल करने से 

दवाईयाँ भी बासी होने लगती हैं 

फिर कोई इलाज कर नहीं पातीं 

फिर भी तर्क ना हुईं तो ज़हर बनने लगती हैं 


बासी हो चुके मजहबों के ऐतकाद सब 

वो जो एक मियाद थी ना, इस्तेमाल की 

वो गुज़र चुकी !


- गुलज़ार 

miyad means use-by date



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